ऐल खैल नन्दी जाय गीत लिरिक्स | सूरज को अरक देने का गीत

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    ऐल खैल नन्दी जाय गीत लिरिक्स | सूरज को अरक देने का गीत

    ऐल खैल नन्दी जाय, यो पाणी कित जाय सी

    आदो जासी अलियां गलियां, आदो ईसरदास न्हासी।

     

    आदो जासी अलियां गलियां, आदो कानीराम न्हासी

    ईसरदास करया बधावना बहू, गोरल जायो पूत जी।

     

    कानीराम घोड़ी घुघरा बहू लाडेला माथ मोर जी

    अड़दा द्यावो पड़दा द्यावो, बन्दरवाल बंधावो।

     

    सार की सुई ल्यावो,पाट का तागा

    सीम र दर्जी का बेटा, भाई का भतीजा नागा

    सीमतां पोवतां दिन दस लागा।

     

    पैरो र म्हारा भाई भतीजा, भुवा ल्याई बागा

    अंण भुवा क कारण,भतीजा रहगा नागा

    नागा नागा के करो, था न और सिवास्यां बागा |

    पैरो र म्हारा भाई भतीजा, भुवा ल्याई बागा |


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